नवरात्रि महोत्सव को लेकर झंडेवाला देवी मंदिर प्रबंधन की प्रेस वार्ता, लाखों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम
नई दिल्ली। राजधानी के प्रसिद्ध Jhandewalan Devi Temple में आगामी सनातन नव वर्ष और नवरात्रि महोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को इन धार्मिक आयोजनों तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेस वार्ता की शुरुआत “जय माता दी” के उद्घोष के साथ हुई, जिसमें मंदिर प्रबंधन ने सनातन नव वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम “भक्ति उदय: प्रभात भक्ति संगत” के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए की गई सुरक्षा और सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार भारतीय परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से सनातन नव वर्ष की शुरुआत होती है। यह दिन प्रकृति के नव आरंभ, ऋतु परिवर्तन और सृष्टि के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है। इसी आध्यात्मिक भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और खासतौर पर युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के उद्देश्य से इस वर्ष विशेष कार्यक्रम “भक्ति उदय: प्रभात भक्ति संगत” का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम पहली बार प्रातःकाल आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य अर्पित कर की जाएगी। इसके बाद सुबह 6:30 बजे से 11:00 बजे तक भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस कार्यक्रम में भजन क्लबिंग के माध्यम से भक्ति संगीत, शास्त्रीय सुरों और युवा ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य आधुनिक युवा पीढ़ी को आध्यात्मिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।
मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह आध्यात्मिक मर्यादा, अनुशासन और पारंपरिक भक्ति भाव के साथ आयोजित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु भक्ति और संगीत के माध्यम से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण का अनुभव कर सकें।
आगामी नवरात्रि महोत्सव को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। हर वर्ष नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु मां झंडेवाली के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।
इसके अंतर्गत बहुस्तरीय बैरिकेडिंग, प्रवेश, दर्शन और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग, मल्टीपल दर्शन कॉरिडोर और QR कोड आधारित ऑनलाइन दर्शन बुकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष रूप से मजबूत किया गया है। पूरे मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी और सुरक्षा के लिए Delhi Police के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत मंदिर परिसर में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, डॉक्टरों की टीम, स्वयंसेवक और 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके।
मंदिर की एक विशेष पहचान यहां मिलने वाला स्वच्छ और समान प्रसाद वितरण भी है। श्रद्धालुओं को पंचामृत, पंजीरी, मखाना और मूंगफली का प्रसाद विशेष पैकिंग में वितरित किया जाता है। परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई दल 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में 3,000 से अधिक सेवादार विभिन्न शिफ्टों में 24 घंटे सेवा देंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सेवादार भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के आसपास 6 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इसके अलावा मेट्रो से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मंदिर परिसर में दिशा-सूचक संकेतक, सहायता केंद्र और अन्य सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क चाय-बिस्कुट, शरबत, महिला श्रद्धालुओं के लिए मेहंदी सेवा, पौधों के स्टॉल और डेयरी उत्पादों की व्यवस्था भी की गई है।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि झंडेवाला देवी मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और सामूहिक समर्पण का एक जीवंत उदाहरण है। इसी भावना के साथ इस वर्ष सनातन नव वर्ष पर आयोजित “भक्ति उदय: प्रभात भक्ति संगत” कार्यक्रम में सभी श्रद्धालुओं और विशेष रूप से युवाओं को आमंत्रित किया गया है।
