महिला दिवस पर ‘सलाम शक्ति’ कार्यक्रम, प्रेरणादायक कहानियों से गूंजी सलाम नमस्ते की आवाज

 


नोएडा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आईएमएस नोएडा के सामुदायिक रेडियो सलाम नमस्ते द्वारा विशेष रेडियो श्रृंखला ‘सलाम शक्ति’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और समाज में प्रेरणा देने वाली महिलाओं की कहानियों को सामने लाना था। कार्यक्रम में महिला उद्यमिता, स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, सकारात्मक सोच, पालन-पोषण और फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस विशेष रेडियो कार्यक्रम ने महिलाओं को न केवल अपनी बात रखने का मंच दिया, बल्कि समाज में उनकी भूमिका और योगदान को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह चुनौतियों के बावजूद महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। इस अवसर पर नोएडा सिटीजन फोरम से जुड़ी इंद्राणी मुखर्जी और गरिमा त्रिपाठी ने अपने विचार रखते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय, सामाजिक कार्य और नेतृत्व जैसे कई क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। अक्सर महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं स्वस्थ और आत्मविश्वासी होंगी, तभी वे अपने परिवार और समाज के विकास में बेहतर योगदान दे पाएंगी।

वहीं गरिमा त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता और सामुदायिक सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब समाज महिलाओं को समान अवसर और समर्थन देता है, तो वे अपने कौशल और प्रतिभा के बल पर नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक रहने का भी संदेश दिया।

कार्यक्रम में मानव प्रगति सेवा संस्थान की सचिव आकांक्षा शुक्ला ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनका संस्थान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं को मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दे रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं सुंदर और आकर्षक मोमबत्तियां बनाना सीख रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

आकांक्षा शुक्ला ने कहा कि जब किसी महिला को कौशल और अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपने जीवन को बदलती है, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान से जुड़ी कई महिलाएं अब अपने घर से ही छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं और अपने बच्चों की शिक्षा व परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं।

इस अवसर पर सलाम नमस्ते की स्टेशन हेड वर्षा छाबड़िया ने कहा कि ‘सलाम शक्ति’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज की उन महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाना है, जो अपने संघर्ष और मेहनत से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने बताया कि यह विशेष रेडियो श्रृंखला महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई है, ताकि समाज में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।


वर्षा छाबड़िया ने कहा कि रेडियो आज भी एक प्रभावी माध्यम है, जो समाज के हर वर्ग तक अपनी बात पहुंचाने की क्षमता रखता है। ‘सलाम शक्ति’ के माध्यम से महिला उद्यमिता, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़े और वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित हों।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं के सशक्तिकरण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति सजग भी बनाते हैं।

‘सलाम शक्ति’ कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि महिलाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि वह पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक होती है। जब महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, समाज और देश के विकास पर भी पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह विशेष रेडियो कार्यक्रम महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों, अनुभवों और उपलब्धियों को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं के संघर्ष और सफलता को सम्मान दिया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने में सामूहिक सहयोग और सकारात्मक सोच की अहम भूमिका होती है।



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