नई दिल्ली। कैलाश कॉलोनी स्थित मैक्स पेट्स हॉस्पिटल में शौर्य नामक (डोगी) जिन्दगी और मौत से संघर्ष कर रहा है, दरअसल 13 जून को शौर्य को मेरठ के सरधना स्थित ग्राम खिर्वा जलालपुर के निवासी आरोपी मोहम्मद शमी उर्फ सानी ने शौर्य को काफी नजदीक से गोली मारी थी, जिसके बाद से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसकी खोपड़ी में धंसे लगभग 200 छरों में से अब तक करीब 150 छर्रे सर्जरी करके निकाले जा चुके हैं। बाकी छर्रे इतनी गहराई में हैं कि उन्हें निकालना मुमकिन नहीं है और जिंदगी भर उसके शरीर में ही रहेंगे।
एनिमल वेलफेयर के लिए काम करने वाली संस्था करन पुरी फाउंडेशन ने आनन् फानन में दिल्ली कैलाश कॉलोनी स्थित मैक्स पेट्स हॉस्पिटल में शौर्य को भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, फाउंडेशन की फाउंडर दिव्या पुरी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अभियुक्त के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट प्रिय चोपड़ा ने बताया कि कुत्ते को हमने 'शौर्य' नाम दिया है।
उनके मुताबिक शौर्य की दोनों आंखें इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि उन्हें सर्जरी करके निकालना पड़ा, जिससे वह हमेशा के लिए दृष्टिहीन हो गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे कई मामलों में आरोपी कार्रवाई से बचने में कामयाब रहे हैं, लेकिन इस बार वरिष्ठ एसएसपी अविनाश पाण्डेय के हस्तक्षेप तथा मेरठ तथा सरधना पुलिस की तत्परता के कारण आरोपी को पकड़कर कानून के समक्ष पेश किया गया। उनकी टीम का इस पूरे मामले में दिखाई गई संवेदनशीलता, सहानुभूति एवं त्वरित कार्रवाई के लिए फाउंडेशन ने हार्दिक आभार जताया, पुलिस की कार्रवाई निस्संदेह स्पष्ट संदेश देती है कि पशुओं के प्रति क्रूरता करने वाला दंड से बचना नहीं चाहिए!
प्रिय चोपड़ा ने कहा, “जो व्यक्ति एक बेजुबान जानवर के साथ इतनी क्रूरता कर सकता है, वह भविष्य में किसी इंसान के लिए भी खतरा बन सकता है। पशु क्रूरता को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।” फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है, जबकि शौर्य के उपचार और पुनर्वास के प्रयास जारी हैं।

