फ्लिपकार्ट-अमेजन के सामान की चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; 75 लाख का माल बरामद


ABC World Hindi | नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों फ्लिपकार्ट, अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के सामान की चोरी कर उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 75 लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 1 अगस्त 2026 को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपियों में वासिद खान, सुनील कुमार, विजय सिंह, धर्मेंद्र और रघुराज सिंह शामिल हैं। सभी को सेक्टर-69, नोएडा से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजन और अन्य ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी नेटवर्क का फायदा उठाकर महंगे सामान की चोरी करते थे और बाद में उसे बाजार में बेच देते थे।

ऐसे करते थे चोरी

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी डिलीवरी के दौरान या रिटर्न होने वाले पार्सलों में हेरफेर कर देते थे। महंगे सामान निकालकर उनकी जगह सस्ते सामान या खाली पैकेट रख दिए जाते थे। इसके बाद चोरी किए गए सामान को गिरोह के अन्य सदस्य खरीदकर बाजार में बेच देते थे।

पुलिस का कहना है कि गिरोह पिछले तीन से चार महीने से इस तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह के प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों का सामान बरामद किया है। बरामद सामान में शामिल हैं—

प्रोटीन सप्लीमेंट के दर्जनों डिब्बे

फ्लिपकार्ट और अमेजन टैग लगे जूते

कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स

श्रवण यंत्र (Hearing Aid)

बीपी और शुगर मापने की मशीनें

बच्चों के बेबी वाइप्स

फ्लिपकार्ट और अमेजन के टैग लगे खाली पैकेट और रैपर

50 बोरे और 50 कार्टन ऑनलाइन मंगाए गए कपड़े

पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये है।

दो आरोपी अब भी फरार

पुलिस ने बताया कि मामले में भूपेंद्र और असलम उर्फ राजू खान अभी फरार हैं। दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

मुकदमा दर्ज

थाना सेक्टर-20 में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था तथा चोरी का सामान किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

Post a Comment

Previous Post Next Post