बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में होंगे, पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में कुल 243 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जिसमें पहले चरण में 121 सीटें और दूसरे चरण में 122 सीटें शामिल हैं। बिहार के कुल मतदाता संख्या 7.42 करोड़ के आसपास है, जिनमें 14 लाख नए मतदाता भी शामिल हैं। सत्ता पक्ष NDA और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। वर्तमान ओपिनियन पोल के अनुसार NDA को 150-160 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन 70-85 सीटों तक सिमट सकता है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार NDA की स्थिति मजबूत दिख रही है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभव का बड़ा प्रभाव माना जा रहा है। चुनाव में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी प्रमुख चर्चा में हैं। महागठबंधन में सीट बंटवारे और गठबंधन के भीतर संगठनात्मक खामियां भी उनकी कमजोरियों के रूप में उभर रही हैं। बीजेपी, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा जैसे दल NDA में शामिल हैं, जबकि महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी, वामपंथी दल सहित कुछ अन्य पार्टियां शामिल हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में सुधार किया गया है और मतदान के दौरान ईवीएम में उम्मीदवारों के फोटो भी होंगे। चुनाव में मतदाता सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार चुनाव के प्रमुख तथ्य
- चुनाव तिथियां: 6 और 11 नवंबर 2025, नतीजे: 14 नवंबर 2025
- कुल विधानसभा सीटें: 243, पहले चरण में 121 और दूसरे में 122
- कुल मतदाता: लगभग 7.42 करोड़, जिनमें 14 लाख नए मतदाता
- प्रमुख गठबंधन: NDA (जेडीयू, बीजेपी और अन्य), महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दल आदि)
- प्रमुख मुद्दे: विकास, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शासन और सुशासन
- सर्वेक्षण के अनुसार: NDA लगभग 150-160 सीटें, महागठबंधन 70-85 सीटें
चुनावी रणनीतियां
- NDA का जोर विकास और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पर है।
- महागठबंधन में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर असमंजस देखा जा रहा है, जिससे संगठन कमजोर महसूस होता है।
- विपक्ष के भीतर संतुलन बनाने की चुनौती के कारण उन्हें जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने में दिक्कतें आ रही हैं।
चुनाव प्रशासन
- चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया है और मतदान के दौरान उम्मीदवारों के फोटो वाली ईवीएम का उपयोग किया जाएगा।
- मतदान व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
यह चुनाव बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ ले सकता है, क्योंकि इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा है और जनता की उम्मीद विकास और सुशासन की दिशा में है।
