मुस्तफ़िज़ुर रहमान विवाद: BCCI के फैसले से भड़का बांग्लादेश, IPL प्रसारण पर संकट

 
                   

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक फैसले ने भारतीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि भारत–बांग्लादेश के द्विपक्षीय रिश्तों में भी हलचल मचा दी है। बीसीसीआई ने शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को निर्देश दिया कि वह बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफ़िज़ुर रहमान को टीम से रिलीज़ करे। इसके बाद केकेआर ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए मुस्तफ़िज़ुर को टीम से बाहर कर दिया गया है।

🔴 बीसीसीआई का पक्ष

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह फैसला “हाल के घटनाक्रमों” को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केकेआर को मुस्तफ़िज़ुर की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, बीसीसीआई ने इन घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया, जिससे फैसले पर सवाल उठने लगे।

🔴 बांग्लादेश की कड़ी प्रतिक्रिया


इस फैसले पर बांग्लादेश की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

आसिफ़ नज़रुल ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि यदि किसी बांग्लादेशी क्रिकेटर को वैध कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं दी जाती, तो पूरी बांग्लादेश क्रिकेट टीम भारत में होने वाले टूर्नामेंटों में खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी।

📺 आईपीएल प्रसारण पर रोक की मांग

बांग्लादेश ने केवल बयानबाज़ी तक ही बात सीमित नहीं रखी। आसिफ़ नज़रुल ने अपने देश के सूचना और प्रसारण सलाहकार से अनुरोध किया है कि बांग्लादेश में आईपीएल मैचों के प्रसारण पर रोक लगाई जाए। उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश अपने क्रिकेट और क्रिकेटरों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।

🏏 टी20 वर्ल्ड कप पर भी असर?

फरवरी में होने वाले टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेज़बानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करने वाले हैं। इस विवाद के बीच बांग्लादेश ने संकेत दिए हैं कि वह आईसीसी से अनुरोध कर सकता है कि उसके वर्ल्ड कप मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराए जाएं। यदि ऐसा होता है, तो यह टूर्नामेंट की तैयारियों और क्षेत्रीय क्रिकेट राजनीति के लिए बड़ा झटका हो सकता है।

 भारत के भीतर बंटी राय

भारत में भी इस फैसले को लेकर मतभेद साफ दिख रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।


वहीं बीजेपी नेता संगीत सोम
ने बीसीसीआई के फैसले का समर्थन करते हुए इसे “देश के हिंदुओं की जीत” बताया, जिससे विवाद और गहरा गया।

🧠 विशेषज्ञों की चेतावनी

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने इस फैसले को नासमझी भरा कदम बताया और चेतावनी दी कि इससे बांग्लादेश पाकिस्तान के और करीब जा सकता है। वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने सवाल उठाया कि जब भारत के विदेश मंत्री ढाका जाकर नेताओं से मिल सकते हैं, तो एक खिलाड़ी भारत क्यों नहीं आ सकता?

🔍 निष्कर्ष

मुस्तफ़िज़ुर रहमान को केकेआर से हटाने का मामला अब सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं रहा। यह विवाद खेल, राजनीति और कूटनीति के टकराव का प्रतीक बन चुका है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बीसीसीआई और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस विवाद को सुलझाने में क्या भूमिका निभाती हैं, या फिर यह मामला भारत–बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में एक नई दरार बनकर उभरेगा।

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