‘भाभी जी घर पर हैं’ के प्रेम चौधरी बोले— कबड्डी जैसे खेल युवाओं को अनुशासन और पहचान देते हैं

नोएडा :  उत्तर प्रदेश कबड्डी लीग (UPKL) के दौरान नोएडा इंडोर स्टेडियम में लोकप्रिय टीवी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ में प्रेम चौधरी के किरदार से पहचान बनाने वाले अभिनेता विश्वजीत सोनी से खास बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने कबड्डी, युवाओं और खेल संस्कृति पर खुलकर विचार रखे।


सवाल: यूपीकेएल में आकर आपको कैसा अनुभव हो रहा है?

जवाब: यह अनुभव वाकई शानदार है। स्टेडियम में जो ऊर्जा और जोश देखने को मिल रहा है, वह बताता है कि उत्तर प्रदेश में कबड्डी को लेकर कितना उत्साह है। ऐसे मंच खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाते हैं।


सवाल: कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों की आज के समय में क्या अहमियत है?

जवाब: कबड्डी हमारा देसी खेल है, जो ताकत, रणनीति और अनुशासन तीनों सिखाता है। आज के युवाओं के लिए यह खेल न केवल फिटनेस बल्कि मानसिक मजबूती का भी माध्यम बन सकता है।


सवाल: यूपीकेएल युवाओं के लिए कितना बड़ा अवसर है?

जवाब: यह लीग युवाओं के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। छोटे शहरों और गांवों के खिलाड़ी यहां आकर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं और प्रोफेशनल करियर की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।


सवाल: क्या आप मानते हैं कि ऐसी लीग्स खेल संस्कृति को बदल सकती हैं?

जवाब: बिल्कुल। जब किसी राज्य में नियमित और व्यवस्थित लीग होती है, तो वहां खेल को लेकर सोच बदलती है। माता-पिता भी बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो बहुत ज़रूरी है।



सवाल:
एक कलाकार होने के नाते खेलों से आपका जुड़ाव कैसे है?

जवाब: खेल और कला दोनों में अनुशासन और मेहनत की जरूरत होती है। मैं मानता हूँ कि कलाकारों को भी खेलों को सपोर्ट करना चाहिए ताकि युवाओं को सही दिशा मिल सके।


सवाल: युवाओं के लिए आपका संदेश क्या रहेगा?

जवाब: युवा अपने सपनों पर भरोसा रखें, मेहनत करें और ऐसे मंचों का पूरा फायदा उठाएं। खेल सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि जीवन जीने की सीख देता है।


निष्कर्ष

प्रेम चौधरी का मानना है कि यूपीकेएल जैसी लीग्स उत्तर प्रदेश में खेलों का भविष्य उज्ज्वल बना सकती हैं। उनका यह संदेश साफ है कि कबड्डी केवल खेल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और पहचान का रास्ता भी है।

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