नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों, निर्माताओं और डीलरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने 15 मई 2026 से ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद ईवी मैन्युफैक्चरिंग सोसायटी (ईवीएमएस) ने दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग का धन्यवाद जताया है। पिछले चार से पांच महीनों से दिल्ली में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन बंद था, जिससे इस उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
ईवीएमएस के जनरल सेक्रेटरी राजीव तुली ने बताया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद होने के पीछे मुख्य कारण ई-रिक्शा चालकों की ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन से जुड़ी तकनीकी समस्याएं थीं। सरकार इस पूरे सिस्टम को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही थी। इसी के चलते ड्राइवरों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट जारी करने वाला ऑनलाइन पोर्टल भी बंद कर दिया गया था।
उन्होंने जानकारी दी कि सोमवार को ईवीएमएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने दूसरी बार दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह से मुलाकात की। इस बैठक में परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया कि 12 मई 2026 से ड्राइवर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट जारी करने वाला पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही 15 मई से ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी आधिकारिक रूप से फिर से चालू कर दी जाएगी।
राजीव तुली ने कहा कि ई-रिक्शा सेक्टर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हजारों परिवार इस व्यवसाय पर निर्भर हैं। ऐसे में लंबे समय तक रजिस्ट्रेशन बंद रहने से नए वाहन सड़क पर नहीं उतर पा रहे थे और डीलरों के कारोबार पर भी असर पड़ा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के इस फैसले से उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इससे पहले भी ईवीएमएस का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने संगठन को भरोसा दिलाया था कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेगी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद 29 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ई-रिक्शा निर्माता, डीलर और चालकों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा उद्योग से जुड़े लोग शामिल हुए थे।
तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि 15 मई से ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। अब सरकार की ओर से इस फैसले पर अंतिम मुहर लगने के बाद उद्योग से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।
ईवीएमएस ने सरकार के इस कदम को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। संगठन का कहना है कि ई-रिक्शा प्रदूषण कम करने और सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय भविष्य में भी जारी रहना चाहिए।
राजीव तुली ने बताया कि ईवीएमएस पिछले कई वर्षों से ई-रिक्शा उद्योग की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहा है। संगठन न केवल निर्माताओं और डीलरों की समस्याएं उठाता है, बल्कि ड्राइवरों के हितों और प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार के साथ संवाद करता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दिल्ली में ई-रिक्शा व्यवस्था और अधिक संगठित और सुरक्षित बनेगी।
सोमवार को परिवहन मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में ईवीएमएस के कोषाध्यक्ष अमित झांब, उपाध्यक्ष पवन कक्कड़, सचिव मितुल बत्रा और दिनेश गोयल भी शामिल रहे। संगठन ने कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों लोगों को राहत मिलेगी और ई-रिक्शा उद्योग दोबारा गति पकड़ सकेगा।
