एस्ट्रोलॉजी, सनातन और संस्कृति का संगम: एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव 2.0 में लखनऊ में अगले कॉन्क्लेव की घोषणा



नई दिल्ली। भारत की प्राचीन ज्योतिष परंपरा, सनातन संस्कृति और भारतीय कला-संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव 2.0 का भव्य आयोजन नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में किया गया। इस महोत्सव में देशभर से करीब 350 ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ, न्यूमेरोलॉजिस्ट, टैरो रीडर, स्पिरिचुअल हीलर, रत्न विशेषज्ञ और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय ज्योतिष, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करना रहा।

कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, आचार्य प्रमोद कृष्णम, लाल किताब के प्रसिद्ध विशेषज्ञ आचार्य जी.डी. वशिष्ठ तथा सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर डॉ. जय मदान सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की। सभी वक्ताओं ने भारतीय ज्योतिष को केवल भविष्यवाणी का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली प्राचीन वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक परंपरा बताया।

महोत्सव के दौरान वरिष्ठ पत्रकार एवं टीवी एंकर श्रीवर्धन त्रिवेदी, अनुराग मुस्कान, विकास कौशिक और हिमांशी सिंह द्वारा विभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में ज्योतिष, सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को देश-विदेश तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं का मानना था कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच जब व्यक्ति मानसिक तनाव और असमंजस का सामना करता है, तब वह समाधान की तलाश में ज्योतिष और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की ओर रुख करता है।

कार्यक्रम के दौरान एस्ट्रो कल्चरल कॉन्क्लेव 3.0 के आयोजन की भी घोषणा की गई। कॉन्क्लेव के पार्टनर हेल्प यू ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि अगला आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में देशभर के राजनेता, बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियां, सनातन धर्म के विद्वान और ज्योतिष जगत के विशेषज्ञ भाग लेंगे।

एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव 2.0 में देश के विभिन्न राज्यों से आए कई प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों और विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें विवेक त्रिपाठी, पंडित अनिल चतुर्वेदी, आचार्य इशिका तनेजा, पूजा भाटिया, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य संजीव कुमार शर्मा, आचार्य गुरविंदर सिंह बंटी, संदीप बजाज, आचार्य मान्या अदलखा, आचार्य सुनीता सिंह, आचार्य पंडित मेघ जी, आचार्य रिचा चोपड़ा, आचार्य सुभेष शर्मा, डॉ. सुजाता शर्मा, दिनेश कुमार, मोनिका कपूर, सचिन बंसल, विश्वास त्रिवेदी, रूचि के देवेग्या, अन्नू राज तथा मेडिकल एस्ट्रोलॉजर अपर्णा चंसोरिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।


कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मिर्ची झोंक एनजीओ की संस्थापक डॉ. सीमा मलिक, लेडी बॉस की संस्थापक नीतू जैन, संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. सुषमा वशिष्ठ तथा गोरखा सिक्योरिटी के संस्थापक राजकुमार ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर Adotrip ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। संस्था के फाउंडर एवं सीईओ विकास कटोच ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विश्वभर तक पहुंचाना Adotrip का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव जैसे आयोजन पर्यटन, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को एक साथ जोड़ते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

वहीं Gemlab के प्रतिनिधि पुनीत माथुर ने रत्नों की प्रमाणिकता और वैज्ञानिक परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रत्नों का महत्व केवल आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करना भी अत्यंत आवश्यक है। Gemlab आधुनिक तकनीक के माध्यम से हीरे, रंगीन रत्नों और आभूषणों की वैज्ञानिक जांच कर उनकी वास्तविकता की पुष्टि करता है।

कार्यक्रम के अंत में एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव के आयोजक प्रदीप श्रीवास्तव और फजले गुफरान ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत सरकार की संस्कृति, सनातन और ज्योतिष से जुड़ी इस पहल को केवल देश तक सीमित नहीं रखना, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में एस्ट्रो कल्चरल कॉन्क्लेव भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार का एक वैश्विक मंच बनेगा।




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