फिजियो भारत-8 में फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन का शोध अव्वल, पूरी टीम हुई सम्मानित

 



डॉ. महीपाल सिंह को ‘फिजियो भारत सेवा रत्न’, डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, डॉ. सुष्मिता भाटी और अभिनव प्रताप सिंह को भी मिला प्रतिष्ठित सम्मान

नोएडा/गुरुग्राम। आर्टेमिस अस्पताल, गुरुग्राम में आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के फिजियो भारत-8 सम्मेलन में नोएडा स्थित फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्य और मरीजों की सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। सम्मेलन में फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत शोध को निर्णायक मंडल ने सर्वश्रेष्ठ माना। इसके बाद फाउंडेशन की पूरी टीम को उनके उत्कृष्ट शोध एवं योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस वर्ष आयोजित फिजियो भारत-8 सम्मेलन का मुख्य विषय “आकलन, साक्ष्य और मूल्यांकन के माध्यम से दर्द प्रबंधन कौशल को आगे बढ़ाना” रखा गया था। सम्मेलन का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में आधुनिक शोध, वैज्ञानिक प्रमाणों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना था। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट, चिकित्सक, शोधार्थी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हुए।

फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन की टीम ने सम्मेलन में अपने शोध कार्य को प्रस्तुत किया, जिसे विशेषज्ञों और निर्णायक मंडल ने गंभीरता से देखा और सराहा। 13 सितंबर को प्रस्तुत किए गए शोध को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध के रूप में चुना गया। यह उपलब्धि फाउंडेशन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर प्रस्तुत शोध को देशभर से आए विशेषज्ञों के बीच सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के सदस्यों को उनके व्यक्तिगत योगदान के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। फाउंडेशन के डॉ. महीपाल सिंह को स्वास्थ्य सेवा के प्रति उनके समर्पण, सेवाभाव और निरंतर योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘फिजियो भारत सेवा रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे समय से मरीजों और फिजियोथेरेपी क्षेत्र के प्रति किए जा रहे कार्यों को पहचान प्रदान करता है।

इसी क्रम में डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव को रोगी सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘फिजियो भारत रोगी सेवा रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया गया। मरीजों के उपचार, देखभाल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनके योगदान को सम्मेलन में विशेष रूप से सराहा गया।

शैक्षणिक और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सुष्मिता भाटी को ‘शैक्षणिक उत्कर्ष पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में शिक्षा, ज्ञान और प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने में उनके योगदान को इस सम्मान के माध्यम से पहचान मिली।

वहीं युवा और उभरती प्रतिभा के रूप में अभिनव प्रताप सिंह को ‘उभरती प्रतिभा रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सम्मेलन में फाउंडेशन की सदस्य विधा पांडे ने भी पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने कार्य को प्रस्तुत किया। उनके पोस्टर प्रेजेंटेशन को सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने सराहा और शोध की प्रस्तुति एवं विषय-वस्तु की प्रशंसा की। पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से फाउंडेशन की टीम ने यह संदेश भी दिया कि मरीजों की बेहतर देखभाल के साथ-साथ वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन में प्राप्त यह सम्मान किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी टीम की कड़ी मेहनत, शोध के प्रति प्रतिबद्धता और मरीजों की सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय मंच पर शोध को सर्वश्रेष्ठ चुना जाना पूरी टीम के लिए गर्व का विषय है और इससे भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

फिजियोथेरेपी आज स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। विशेष रूप से दर्द प्रबंधन, शारीरिक पुनर्वास, चोटों से उबरने और मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन की इस उपलब्धि को नोएडा के स्वास्थ्य एवं पुनर्वास क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में शोध को प्रथम स्थान मिलना और फाउंडेशन के कई सदस्यों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान प्राप्त होना संस्था की कार्यशैली और टीम की विशेषज्ञता को दर्शाता है।

फाउंडेशन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि आगे और बेहतर शोध, गुणवत्तापूर्ण फिजियोथेरेपी सेवाओं तथा मरीजों के हित में लगातार काम करने की नई जिम्मेदारी है। संस्था भविष्य में भी आधुनिक शोध और बेहतर पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से मरीजों को लाभ पहुंचाने तथा फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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