कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 6 मई 2025 को झारखंड के रांची में 'संविधान बचाओ रैली' को संबोधित करते हुए पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया। खरगे ने सवाल किया कि यदि खुफिया जानकारी के आधार पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए दौरा रद्द किया गया, तो पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? उन्होंने इसे खुफिया विफलता करार देते हुए कहा कि सरकार ने इसकी जिम्मेदारी स्वीकार की है, लेकिन फिर भी 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। खरगे ने पूछा कि जब खतरा पहले से पता था, तो पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत क्यों नहीं किया गया और पर्यटकों को वहां जाने से क्यों नहीं रोका गया?
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने स्वीकार किया है कि यह खुफिया विफलता थी और इसे सुधारने की बात कही, लेकिन सवाल उठाया कि पहले से चेतावनी होने के बावजूद निवारक कदम क्यों नहीं उठाए गए। खरगे ने जोर दिया कि सरकार को इन मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है, क्योंकि यह राष्ट्रीय हित का मामला है।
हालांकि, बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने खरगे के बयान की आलोचना की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर तब जब देश सीमा पर तनाव का सामना कर रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि खुफिया एजेंसियों ने हमले से पहले श्रीनगर के बाहरी इलाकों, खासकर जबरवान रेंज के होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई थी, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई थी। फिर भी, 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी।
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