गाजियाबाद: वेव सिटी में पिछले कुछ महीनों से विकास कार्यों में तेजी देखी जा रही है। पहले अराजक तत्वों और किसानों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन के कारण जहां निर्माण कार्य बाधित हो रहा था, वहीं स्थानीय निवासियों को भी रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब हालात सामान्य होने के बाद विकास कार्य दोबारा तेज़ रफ्तार से चल रहे हैं।
🔹 स्थानीय निवासियों ने जताई राहत
वेव सिटी में रहने वाले निवासियों ने बताया कि विरोध के चलते निर्माण सामग्री की सप्लाई बाधित होती थी, जिससे परियोजनाओं की गति थम गई थी। लेकिन अब प्रदर्शन खत्म होने के बाद सड़क, पार्क और आवास निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
🔹 बेहतर कनेक्टिविटी बनी प्रमुख वजह
वेव सिटी की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसकी लोकेशन और कनेक्टिविटी है। यह क्षेत्र ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नई दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा बेहद आसान हो गई है।
🔹 टाउनशिप का इतिहास और विस्तार
रिपोर्ट्स के अनुसार, वेव ग्रुप ने वर्ष 2009–10 में राज्य की हाई-टेक टाउनशिप नीति के तहत इस परियोजना की शुरुआत की थी। तकनीक-एकीकृत घरों, विशाल हरित क्षेत्रों और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ यह अब एक बड़े आकार में विकसित हो चुकी है।
किसानों के विरोध के चलते बीच में प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी कार्य फिर से पटरी पर लौट आए हैं।
🔹 सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सिटी
वेव सिटी की प्लानिंग इस तरह की गई है कि यह पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित दोनों है। यहां रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भी अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान है।
इसका मास्टर प्लान दुनिया की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग फर्म द्वारा तैयार किया गया है, जिससे यह परियोजना गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि देशभर की अनूठी टाउनशिप्स में से एक मानी जा रही है।